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लिखिए अपनी भाषा में

  1. लंदन। दुनियाभर के संतानहीन दंपत्तियों के लिए कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक
    आईवीएफ की खोज कर उनके घर-संसार को बच्चों की किलकारियों से भरने वाले
    ब्रिटिश चिकित्सक रॉबर्ट एडवर्स् का निधन हो गया है। वह 87 वर्ष के थे।
    गार्डियन दैनिक ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से
    बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता सर एडवर्ड्स का बुधवार को निधन हो गया।
    कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने बयान में कहा कि हमें बेहद दुख के साथ सूचित
    करना पड़ रहा है कि आईवीएफ तकनीक के जनक वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार
    विजेता प्रोफेसर एडवर्ड्स ने लंबी बीमारी के बाद कल नींद में ही दुनिया
    को अलविदा कह दिया। उनके परिवार, मित्रों और सहयोगियों को हमेशा उनकी कमी
    महसूस होती रहेगी।

    सर एडवर्स् और डॉक्टर पैट्रिक स्टेपटोई ने 60 के दशक के अंत में इन
    वाइट्रो फर्टीलाइजेशन तकनीक की खोज की थी जिसके बल पर साल 1978 में विश्व
    की पहली परखनली शिशु लुईस ब्राउन का जन्म हुआ था। प्रोफेसर एडवर्स्ई को
    वाइट्रो तकनीक के लिए वर्ष 2010 में चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से
    सम्मानित किया गया और इसके अगले वर्ष उन्हे सर की उपाधि से सम्मानित किया
    गया।

    मालूम हो कि आईवीएफ तकनीक के जरिए एक अंडाणु को परखनली में शुक्राणु से
    निशेचित कराने के बाद इसे महिला के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया जाता
    है। इस तकनीक के जरिए दुनियाभर में अब तक 40 लाख शिशुओं का सृजन किया जा
    चुका है। भारतीय डॉक्टर सुभाष मुखर्जी ने लुईस ब्राउन के जन्म के 67 दिन
    बाद आईवीएफ तकनीक से भारत की पहली परखनली शिशु दुर्गा का सृजन करने मे
    कामयाबी पाई थी।
    | |


  2. 1 comments:

    1. Sumita Sofat said...

      यह सुन क्र बहुत बुरा लगा पर यह तो जीवन चकेर है| संसार का जो धरती पे आया है उसको तो जाना तो है ही| अब अगर आप भी आईवीएफ उपचार करवाना चहते है तो आप हमारे सेंटर मै आप सब्से बाड़िया उपचार पा सकते है| दिए गये वेबसाइट लिंक को क्लिक करे और हमारे साथ अपनी नियुक्ति बुक करे. आईवीएफ बांझपन फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सेंटर भारत

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    Thankes

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