Rss Feed
Story (104) जानकारी (41) वेबसाइड (38) टेक्नॉलोजी (36) article (28) Hindi Quotes (21) अजब-गजब (20) इंटरनेट (16) कविता (16) अजब हैं लोग (15) तकनीक (14) समाचार (14) कहानी Story (12) नॉलेज डेस्क (11) Computer (9) ऐप (9) Facebook (6) ई-मेल (6) करियर खबरें (6) A.T.M (5) बॉलीवुड और मनोरंजन ... (5) Mobile (4) एक कथा (4) पासवर्ड (4) paytm.com (3) अनमोल वचन (3) अवसर (3) पंजाब बिशाखी बम्पर ने मेरी सिस्टर को बी दीया crorepati बनने का मोका . (3) माँ (3) helpchat.in (2) कुछ मेरे बारे में (2) जाली नोट क्‍या है ? (2) जीमेल (2) जुगाड़ (2) प्रेम कहानी (2) व्हॉट्सऐप (2) व्हॉट्सेएप (2) सॉफ्टवेर (2) "ॐ नमो शिवाय! (1) (PF) को ऑनलाइन ट्रांसफर (1) Mobile Hacking (1) Munish Garg (1) Recharges (1) Satish Kaul (1) SecurityKISS (1) Technical Guruji (1) app (1) e (1) olacabs.com (1) olamoney.com (1) oxigen.com (1) shopclues.com/ (1) yahoo.in (1) अशोक सलूजा जी (1) कुमार विश्वास ... (1) कैटरिंग (1) खुशवन्त सिंह (1) गूगल अर्थ (1) ड्रग साइट (1) फ्री में इस्तेमाल (1) बराक ओबामा (1) राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला (1) रिलायंस कम्यूनिकेशन (1) रूपये (1) रेडक्रॉस संस्था (1) लिखिए अपनी भाषा में (1) वोटर आईडी कार्ड (1) वोडाफोन (1)

लिखिए अपनी भाषा में

  1. 27 देशों के हजारों एटीएम से 4.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 2.45 अरब रुपये की
    चोरी के मामले ने प्लास्टिक मनी (डेबिट कार्ड, क्रेडिट, प्री पेड कार्ड)
    के इस्तेमाल और उसकी सुरक्षा को लेकर नए सिरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

    भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश में ऐसे कार्ड का इस्तेमाल आम हो
    गया है जहां ग्राहक बैंकों की शाखाओं में देर तक इंतजार करने की बजाय
    एटीएम मशीन से पैसे निकालने को तवज्जो दे रहे हैं। लेकिन करोड़ों रुपये
    चोरी से निकाले जाने की घटना से आम ग्राहकों का चिंता में पड़ना लाजिमी
    है।

    करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में अपराध को अंजाम देने वाले हैकरों ने
    बड़ी ही सफाई से कार्ड प्रोसेस करने वाली भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के
    सर्वर से पिन उड़ा लिए। ऐसे में साफ है कि जब बड़े-बड़े वित्तीय संस्थान
    ऐसे अपराधों से बच नहीं सकते तो आम ग्राहक के पास तो ऐसी हैकिंग या पिन
    के कॉपी होने के खतरे बहुत ज्यादा हैं। लेकिन बावजूद इसके अगर आप
    होशियारी से कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते
    हैं।

    आम तौर पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को बताया जाता
    है कि वे बार-बार अपना पासवर्ड बदलें और एटीएम बूथ में अपने साथ मौजूद
    लोगों की हरकतों को देखते रहें। लेकिन यह बहुत ही सामान्य किस्म की टिप्स
    हैं।

    बैंक ब्रांच से जुड़े एटीएम का इस्तेमाल करें

    प्लास्टिक मनी से किए जाने वाले ट्रांजैक्शन से जुड़े सुरक्षा एक्सपर्ट्स
    का मानना है कि डेबिट, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल उन एटीएम में ही करने
    की कोशिश करनी चाहिए जो बैंक की ब्रांचों से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों
    के मुताबिक ग्राहकों को उन एटीएम बूथों में जाने से बचना चाहिए जो ब्रांच
    के साथ नहीं हैं। ऐसे बूथ मॉल, लोकल मार्केट में ज्यादा होते हैं।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, 'अपराधियों के लिए ऐसी मशीनों से छेड़छाड़ करना
    आसान होता है जो किसी बैंक के आसपास नहीं होती हैं।'

    छत में छिपे कैमरे से होशियार!

    आपकी गाढ़ी कमाई पर नजर गड़ाए चोर एटीएम बूथ की छत में बेहद छोटा से
    कैमरा चिपका सकते हैं जो ग्राहकों द्वारा एटीएम मशीन के पैड पर पंच किए
    जाने वाले पासवर्ड को रिकॉर्ड कर सकता है। ऐसे में एटीएम बूथ में जाते
    समय उसकी छत पर बारीक निगाह दौड़ाना समझदारी भरा हो सकता है। इसके अलावा
    एटीएम की लाइन में आपके नजदीक खड़ा शख्स आपके कंधों के ऊपर या बगल से
    ताकझांक कर पिन नंबर याद कर सकता है। इससे बचने के लिए आप अपने शरीर या
    दूसरे हाथ की मदद से एटीएम के कीबोर्ड को छुपा सकते हैं।

    संदिग्ध डिवाइसों, चिपचिपे पदार्थ से बचें

    एटीएम से पैसे चुराने के लिए हैकर या चोर एटीएम मशीन के ऊपर या उसके
    इर्दगिर्द कुछ संदिग्ध डिवाइस लगा देते हैं। इन डिवाइसों का काम एटीएम से
    जुड़ी जानकारी को कॉपी करना होता है। कार्ड स्लॉट (कार्ड डालने के लिए
    बनी जगह) के साथ लगी कोई भी चीज, मशीन पर कोई चिपचिपा पदार्थ और कीपैड
    दबाते समय किसी तरह की मजबूत रुकावट एटीएम मशीन के साथ की गई छेड़छाड़ के
    लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक अथॉरिटी को सूचित करना चाहिए और
    ऐसे एटीएम बूथ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    एटीएम बूथ में कम से कम समय बिताएं

    कई बैंक ग्राहकों को हिदायत देते हैं कि वे एटीएम बूथ में न्यूनतम समय
    बिताएं। इसलिए आप जब भी एटीएम बूथ में जाएं तो अपना कार्ड हाथ में तैयार
    रखें ताकि बूथ के अंदर जाने पर आपको पर्स खोलकर कार्ड न निकालना पड़े।
    कोशिश करें कि एटीएम के भीतर कैश की गिनती न करें। साथ ही पैसे जमा करने
    के लिए अपने पास कैश डिपॉजिट लिफाफे पहले से ही रखें और उन पर ब्योरा
    दर्ज कर लें।

    पेड़ से घिरे या किसी अन्य चीज की छाया में पड़ी मशीन से करें तौबा

    उन एटीएम मशीनों का इस्तेमाल करें जहां रोशनी का अच्छा इंतजाम हो। अगर
    एटीएम मशीन पर किसी पेड़ की छाया या किसी अन्य चीज का साया पड़ रहा हो तो
    ऐसी मशीन से तौबा कर लें और किसी अन्य बूथ का रुख करें। ऐसे बूथ
    सार्वजनिक तौर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिखाई नहीं देते हैं और वहां
    पर छेड़छाड़ की गुंजाइश होती है।

  2. 0 comments:

    Post a Comment

    Thankes

Powered byKuchKhasKhabar.com