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  1. अगर आप भारत गैस ऑनलाइन बुक करना चाहते हो तो , सब से पहले आप को इस
    लिंक http://www.ebharatgas.com/pages/Customer_Console/Customer_New_Register.html पर जा कर अपनी id बनानी होगी एक बार id बना कर आप उस id से कबी बी
    भारत गैस बुक कर सकते हो ,

    आप की भारत गैस की id बनते ही आप को एक मेल मिले गई .जो ईमेल आप ने भारत
    गैस की id बनाते समय दी थी , उस मेल में आप को एक यूजर नाम और पासवर्ड
    मिले गा . उस यूजर नाम से आप इस लिंक पर अपनी id लोगिन कर सकते हो,
    id लोगिन करते ही आप के पास एक ऐसा फॉर्म खुले गा जो आप निचे देख रहे हो .


    बुकिंग करने के लिए आप को Place Order पर क्लिक करना होगा ,,

    बुकिंग देखने के लिए View Previous Order पर क्लिक करना होगा ,,


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  2. जल्द ही बाजार में ऐसा 3डी पेन आने वाला है, जिसके जरिए आप शानदार कला बना सकते हैं। वेबसाइट किकस्टार्टर के अनुसार 6.5 इंच (16.5 सेमी) का 'लिक्स' नाम का एक अल्यूमीनियम पेन है जिसमें एबीएस व पीएलए प्लास्टिक फिलामेंट्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से सिर्फ एक बटन दबाने से 3डी स्कैच बनाना संभव हो सकेगा।

    इस पेन को यूएसबी के जरिए पावर आउटलेट से कनेक्ट कर चार्ज भी किया जा सकेगा। सिर्फ एक मिनट की चार्जिंग के बाद इसके फिलामेंट 3डी स्कैच बनाने के लिए अनुकूल तापमान पर पहुंच जाएंगे।


    यह पेन अपने आउटपुट प्वाइंट से 395 डिग्री फैरनहाइट (202 डिग्री सेल्सियस) तापमान पैदा करेगा।

    ज्यादा खूबसूरती से काम करने के लिए इसकी डिजाइन में दो तरह के स्पीड कंट्रोल बटन दिए गए हैं। इसमें इस्तेमाल किए गए फिलामेंट के अनुसार रंगों व ग्लॉस का चुनाव किया जा सकता है।

    ये बाजार में पहला 3डी पेन नहीं है लेकिन डेवलेपर्स का दावा है कि ये दुनिया का सबसे छोटा 3डी पेन है। वेबसाइट पर इसकी कीमत 139.95 डॉलर करीब 8,440 रुपए बताई गई है।

  3. त्यौहारों की वजह से अचानक बाजार में दूध, घी और मावा की डिमांड कई गुना
    बढ़ जाती है। यही डिमांड मिलावट को जन्म देती है। नकली दूध, घी और मावा
    बनानेवाले त्यौहारों के मौसम में हरकत में आ जाते हैं। नकली मिठाई और
    सिंथेटिक दूध से गंभीर बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। आखिर कैसे
    बनता है मिलावटी मावा और दूध। कैसे करें असली-नकली की पहचान।

    कैसे बनता है नकली मावा

    एक किलो दूध से सिर्फ दो सौ ग्राम मावा ही निकलता है। जाहिर है इससे मावा
    बनाने वालों और व्यापारियों को ज्यादा फायदा नहीं हो पाता है। लिहाजा
    बनाया जाता है मिलावटी मावा। इसे बनाने में अक्सर शकरकंदी, सिंघाडे़ का
    आटा, आलू और मैदे का इस्तेमाल होता है। नकली मावा बनाने में स्टार्च,
    आयोडीन और आलू इसलिए मिलाया जाता है ताकि मावे का वजन बढ़े। वजन बढ़ाने
    के लिए मावा में आटा भी मिलाया जाता है। नकली मावा असली मावा की तरह दिखे
    इसके लिए इसमें कुछ केमिकल भी मिलाया जाता है। कुछ दुकानदार मिल्क पाउडर
    में वनस्पति घी मिलाकर मावे को तैयार करते हैं।

    कैसे बनता है सिंथेटिक दूध

    सिंथेटिक दूध बनाने के लिए सबसे पहले उसमें यूरिया डालकर उसे हल्की आंच
    पर उबाला जाता है। इसके बाद इसमें कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट, सोडा
    स्टार्च, फॉरेमैलिन और वाशिंग पाउडर मिलाया जाता है। इसके बाद इसमें
    थोड़ा असली दूध भी मिलाया जाता है। मिलावटी मावा और सिंथेटिक दूध पीने से
    आपको फूड पॉयजनिंग हो सकती है। उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है।
    किडनी और लिवर पर भी बेहद बुरा असर पड़ता है। स्किन से जुड़ी बीमारी भी
    हो सकती है।

    अधिक मात्रा में नकली मावे से बनी मिठाइ खाने से लीवर को भी नुकसान पहुंच
    सकता है। इससे कैंसर तक हो सकता है।

    कैलाश हॉस्पिटल के डॉक्टर डॉ. प्रवीण मिश्र के मुताबिक जो खाने की चीजों
    में मिलावट से फ़ूड पॉइजनिंग से लेकर कैंसर तक बीमारियां हो सकती हैं।
    स्किन डिसीस स्टमक डिसीस हो सकता है। लगातार मिलावटी खाना खाने से कैसर
    भी हो सकता।

    नकली मावा तो मिठाई में इस्तेमाल होता है। असली और नकली मिठाई में पहचान
    करना मुश्किल है। लिहाजा आप अच्छी और भरोसेमंद दुकान से ही मिठाई खरीदें।
    हमेशा बिल के साथ मिठाई लें ताकि किसी किस्म की खराबी होने पर दुकानदार
    को पकड़ सकें। जहां तक दूध का सवाल है तो आप थोड़ा सजग रहकर असली और नकली
    दूध में फर्क कर सकते है।

    सिंथेटिक दूध में साबुन जैसी गंध आती है, जबकि असली दूध में कुछ खास गंध
    नहीं आती। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है, नकली दूध का स्वाद
    डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा हो जाता है। असली दूध स्टोर
    करने पर अपना रंग नहीं बदलता, नकली दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता
    है। अगर असली दूध में यूरिया भी हो तो ये हल्के पीले रंग का ही होता है,
    वहीं अगर सिंथेटिक दूध में यूरिया मिलाया जाए तो ये गाढ़े पीले रंग का
    दिखने लगता है।

    अगर हम असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं नकली दूध उबालने
    पर पीले रंग का हो जाता है।

    असली दूध को हाथों के बीच रग़ड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं,
    नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी
    चिकनाहट महसूस होगी।

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  4. जब सारी दुनिया में पानी और बिजली के बेहतर विकल्पों के लिए उठापटक चल
    रही है तब ब्राजील के एक साधारण से मैकेनिक ने बिजली का पर्यावरण के लिए
    सुरक्षित और बहुत ही सहज विकल्प दे दिया है। उसने मोजर लैंप नाम से चालीस
    या साठ वॉल्ट के बल्ब को जलाने का सस्ता और सुलभ उपाय तलाश कर लिया है।
    इतना ही नहीं मैकेनिक अल्फ्रेड मोजर ने अपने नाम के बल्ब से फिलीपींस की
    गरीबी की रेखा से नीचे रह रही आबादी की जिंदगी को रोशन भी कर दिया है।

    फिलीपींस की एक-चौथाई आबादी गरीबी की रेखा के नीचे हैं जिसके लिए बिजली
    बहुत ही महंगी पड़ती है। लेकिन मोजर लैंप अब फिलीपींस के 1,40,000 घरों
    को रोशन कर रहे हैं। मोजर के इस सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल बल्ब अब
    तेजी से अन्य विकासशील देशों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। मोजर ने बीबीसी
    को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि ये एक दिव्य रोशनी है। ईश्वर ने सबके
    लिए सूर्य दिया है। रोशनी हर किसी के लिए है। इसके खोजकर्ता मोजर ने कहा
    कि उनके बल्ब से आप धन की बचत कर सकते हैं। इससे आपको बिजली का करंट भी
    लगता है। और सबसे बड़ी बात इस पर आपका एक पैसा भी खर्च नहीं होता है।
    मोजर सौर ऊर्जा के जरिए सूरज की रोशनी को एक दो लीटर की पानी की
    प्लास्टिक बोतल के जरिए बिजली बनाते हैं।

    इस बोतल में साफ पानी भरा होता है। उन्होंने बताया कि इस पानी में वह दो
    कप ब्लीच डालते हैं ताकि पानी सुरक्षित रहे और ये हरा न होने पाए यानी
    इसमें काई न जमे। बोतल जितनी साफ और पारदर्शी होगी उसका उतना ही अच्छा
    असर होगा। मोजर बोतल के मुहाने पर एक काले रंग का ढक्कन लगाते हैं। फिर
    उसे छत में बने छेद के अंदर फंसाते हैं। फिर वह उसे छत के साथ पालीएस्टर
    टेप से सील कर देते हैं। इससे बारिश होने पर भी छत से पानी नहीं टपकता।
    एक रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों के कई हिस्सों में लाखों परिवार
    अपनी झुग्गियों की नन्हीं खिड़कियों से रोशनी की हल्की से किरण तक को
    तरसते हैं। इसीलिए मोजर को ये विचार सन् 2002 में आया कि जब ब्राजील के
    उनके शहर उबेराबा में बिना बिजली के घुप अंधेरा छा गया था। उन्हें अपनी
    दुकान में रोशनी के लिए किसी अनूठे तरीके की तलाश थी। जैसी ही उन्होंने
    इस जादुई तरीके से बिजली बनाने का तरीखा खोजा उनके साथ ही उनके पड़ोसियों
    और शहर के सुपरमार्केट तक बल्ब से रोशन हो गए।

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  5. जल्‍द आप अपने मोबाइल में यू टयूब एप्‍लीकेशन की मदद से बिना इंटरनेट के
    वीडियो देख सकेंगे। रिपोर्ट के अनुसार गूगल इसके लिए एप्‍लीकेशन में एक
    ऑप्‍शन देगा, अगर यूजर किसी वीडियो को बाद में देखना चाहता है तो वो उसे
    ऐड टू डिवाइस ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके वीडियो को बाद में बिना इंटरनेट के देख
    सकता है। गूगल ने अपने नोट में कहा है यूजर ऑफलाइन वीडियो को 48 घंटे तक
    ही देख सकेगा इसके बाद यूजर को इंटरनेट कनेक्‍टीविटी की जरूरत पड़ेगी। यू
    ट्यूब की मेल के अनुसार यूजर बिना इंटरनेट कनेक्‍टीविटी के वीडियो 48
    घंटे तक ही देख सकता है लेकिन अगर उसे वीडियो देखने की अवधि बढ़ानी है तो
    उसे दुबारा नेट कनेक्‍ट करके वहीं वीडियो रीफ्रेश करना होगा।

    रीफ्रेंश करने के बाद यूजर वहीं वीडियो दोबारा 48 घंटे तक देख सकेगा। अगर
    यू ट्यूब को होने वाले फायदे की बात की जाए तो जब भी यूजर कोई ऑफलाइन
    वीडियो देखेगा उससे पहले उसके स्‍क्रीन पर कुछ विज्ञापन दिखेंगे जिससे यू
    ट्यूब को फायदा होगा। यू ट्यूब के अनुसार इसमें सिर्फ इन स्‍ट्रीम ऐड ही
    आएंगे बाकी किसी भी तरह के ऐड फार्मेट एप्‍लीकेशन में नहीं दिखेंगे। यू
    ट्यूब इस नई सर्विस को नवंबर तक लांच कर देगा। ऑफ लाइन मोड में देखे जाने
    वाले वीडियो में मूवी और ऐसा कोई कंटेंट नहीं देखा जा सकेगा जिसे खरीदने
    की जरूरत पड़े।


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  6. बोहत बार हमारे कंप्यूटर में किसी फाइल का डुप्लीकेट फाइल बन कर डंप हो
    जाता है ,बो डुप्लीकेट फाइल का हमे पता ही नहीं चलता की बो कहा पर स्टोर
    है ,

    अगर हम इस को डिलीट करना चाहते है ,तो हमे अपने पुरे कंप्यूटर में देखना
    होगा जिस से हमें बोहत टाइम लगे गा, में आप को एक सॉफ्टवेर के बारे में
    बताता हु.जे सॉफ्टवेर अपने आप डुप्लीकेट फाइल को खोज कर डिलीट कर देता है
    .

    डाउनलोड सॉफ्टवेर

    http://www.digitalvolcano.co.uk/duplicatecleaner.html

    kuchkhaskhabar@gmail.com

  7. सब से पहले आप www.google.कॉम खोलो
    फिर सर्च बॉक्स में सर्च Google Gravity लिखे,
    और सर्च करो ,
    सर्च करते ही आप के सामने जे लाइन होगी ,
    Google Gravity - Mr.doob
    बस इस लाइन पर क्लिक कर दो,
    फिर देखो मेरा Google बाबा केसे डांस करता है ,

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