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  1. अगर आपके पास एंड्रॉएड फ़ोन है तो आप अपने गूगल प्ले स्टोर पर ज़रूर जाते होंगे, लेकिन क्या आपने भारत सरकार का प्ले स्टोर देखा? जी हां, केंद्र सरकार ने एक ऐसा ऐप स्टोर लॉन्च किया है जिसमें आपको सरकारी जानकारियां देने वाली ढेरो ऐप मिलेंगे। ये ऐप फिलहाल बिलकुल मुफ़्त हैं।
    BBC

    संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को इस ऐप स्टोर का औपचारिक उद्‍घाटन किया। सरकारी ऐप स्टोर में इस समय 173 ऐप डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं, जिसमें से 61 डेमो ऐप हैं और उनका पूरा वर्ज़न प्रतीक्षित है। यहां मिलने वाले ऐप ऐंड्रॉएड और जावा सपोर्ट करने वाले स्मार्टफ़ोन पर चलेंगे।

    खास बातें : भारत सरकार के प्ले स्टोर की खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े ऐप्स को तरजीह दी गई है। ऐप स्टोर में मौजूद ‘रक्षक’ एक ऐसा ऐप है जो खास तौर पर महिलाओं के लिए बनाया गया है।

    यूज़र को किसी प्रकार के खतरे की स्थिति में सिर्फ एक बटन दबाना होगा जिससे एक आपातकालीन मैसेज यूज़र के चार मित्रों और रिश्तेदारों के पास चला जाएगा। ये चार मित्र कौन होंगे यह चुनने की आज़ादी यूज़र को मिलेगी।

    साथ ही, इस ऐप स्टोर में अंग्रेज़ी से कई क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद के भी ऐप्स मौजूद हैं, इस ऐप स्टोर में। राशन कार्ड, पोस्ट ऑफिस और चुनावी जानकारी से संबंधित ऐप्स भी ऐप स्टोर में रखे गए है। कुछ ऐप्स राज्यों के आधार पर भी बांटे गए है। शुरू में नौ राज्यों से संबंधित ऐप इस स्टोर में उपलब्ध कराए गए हैं. ये राज्य हैं- आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, राजस्थान, सिक्किम, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल।

    हालांकि इस ऐप स्टोर की सबसे बड़ी कमी यही है कि यहां से ऐप डाउनलोड करना गूगल प्ले के मुकाबले कठिन है। कम्प्यूटर से किसी भी ऐप पर डाउनलोड करते ही ऐप की मूल ‘एपीके’ या ‘जेडीके’ फ़ाइल आपके कम्प्यूटर पर भेज दी जाती है जिसे डाटा केबल या कार्ड रीडर के माध्यम से मोबाइल पर डालकर इंस्टाल करना पड़ता है। हालांकि अगर आप सीधे मोबाइल से ही इस ऐप स्टोर को खोलें तो डाउनलोड प्रक्रिया थोड़ी आसान हो जाती है।

    गूगल प्ले में ये प्रक्रिया ज्यादा आसान है जहां कम्प्यूटर से डाउनलोड क्लिक करते ही ऐप आपके मोबाइल पर इंस्टाल हो जाती है। बशर्ते आपके फ़ोन में इंटरनेट चालू हो।


  2. कभी कम्प्यूटर पर काम करते वक्त मोबाइल पर कोई पिंग आ जाए तो कितनी कोफ्त होती है न! फोन उठाओ उसे खोलो फिर रिप्लाई करो। तब लगता है कि काश... ये ऐप्स भी कम्प्यूटर पर इन्स्टॉल हो सकते।

    ऐसा हो सकता है! वॉट्सैप, वाइबर, किक मेसेंजर, काकाओ टॉक, लाइन, ब्लैकबरी मेसेंजर और ऐसे ही कई मोबाइल ऐप्स को आप अपने कम्प्यूटर पर भी चला सकते हैं। यहां तक कि ऐंड्रॉयड गेम्स को भी। इसके लिए एक खास ट्रिक है जिसके लिए आपका ज्यादा टेक सैवी होना भी जरूरी नहीं है।

    ब्लूस्टैक्स इन्स्टॉल करें: ब्लूस्टैक्स एक ऐंड्रॉयड एम्युलेटर है। संक्षेप में कहें तो ऐंड्रॉयड ऐप्स को विंडोज पर चलाने का यह बेस्ट तरीका है।

    पहले ब्लूस्टैक्स को अपने विंडोज पीसी पर इन्स्टॉल करें। इन्सटॉल हो जाने पर ब्लूस्टैक्स ऐप प्लेयर स्क्रीन के बाएं कोने में ऊपर की तरफ बने सर्च आइकन पर क्लिक करें और वह मोबाइल ऐप चुनें जो आप यूज करना चाहते हैं।
    ऐप के आइकन पर क्लिक करें। ब्लूस्टैक्स ऐप इन्स्टॉल करने से पहले आपसे एक गूगल अकाउंट सेटअप करने को कहेगा। आप अपने गूगल अकाउंट से साइन-इन भी कर सकते हैं और नया अकाउंट भी बना सकते हैं। ब्लूस्टैक्स को अपने गूगल अकाउंट से लिंक कर अपनी डिवाइस पर ऐप्स डाउनलोड करें।

    ऐप इन्स्टॉल करें: ऐप को डाउनलोड कर वैसे ही अपने पीसी पर इन्स्टॉल करें जैसे मोबाइल पर करते हैं। ऐप इन्स्टॉल हो जाए तो ब्लूस्टैक्स ऐप प्लेयर विंडो पर नीचे की तरफ बने होम बटन पर क्लिक करें। विंडो में सबसे ऊपर आपको नई इन्स्टॉल्ड ऐप मिलेगी। अगर न दिखे तो सीधे हाथ की तरफ बने ऑल ऐप्स बटन को क्लिक करें।

    ऐप सेट अप करें: अब अपने ऐप को ठीक उसी तरह सेट अप करें जैसे आप मोबाइल पर करते हैं। उदाहरण के लिए वॉट्सऐप को लेते हैं। सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर डालें और आगे बढ़ें। अगर मोबाइल नहीं है तो यहां आप लैंडलाइन फोन नम्बर भी डाल सकते हैं।

    5 मिनट में आपके पास एसएमएस आएगा। वॉट्सऐप की तरफ से आपको रजिस्टर किये गए नंबर पर एक कॉल आएगी। उसे रिसीव करें और दूसरी तरफ से बताए गए कन्फर्मेशन कोड को वॉटसऐप विंडो में डालें। इसके बाद यह आपके पीसी से ठीक वैसे ही काम करने लगेगा जैसे आपके फोन से करता है।

    ध्यान देने वाली बात ये है कि ये ऐप्स मोबाइल के लिए बने हैं, कम्प्यूटर के लिए नहीं इसलिए कभी भी कोई भी दिक्कत आ सकती है। खासकर जब आप ऐप का इस्तेमाल फोन और कम्प्यूटर दोनों से करेंगे तो दिक्कत होने की संभावना ज्यादा है। इन्हें एक ही डिवाइस से ऑपरेट करने की कोशिश करें।

    कितने ऐप्स चलेंगे: आप जितने चाहें उतने ऐप्स इन्स्टॉल कर सकते हैं। वे सब ब्लूस्टैक्स ऐप प्लेयर विंडो पर ही चलेंगे। इसकी मदद से आप वे सभी ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं जो विंडोज 8 टैबलेट पर नहीं हैं। आप कई मजेदार ऐंड्रॉयड गेम्स को भी इसकी मदद से अपने पीसी पर खेल सकते हैं।

  3. जी, यह सही है कि अब आपका मोबाइल फोन आपको बता देगा कि किस रास्ते से
    जाने पर परेशानी हो सकती है. हाल ही में शुरू हुई फर्म एमिडरे
    टेक्नोलॉजीज ने इसी पर आधारित एक सामुदायिक एंड्राइड एप्लीकेशन 'ब्लॉकआउट
    ट्रैफिक' लांच किया है.

    इस प्रोग्राम को तैयार करने वालों ने कहा कि 'ब्लॉकआउट ट्रैफिक' मोबाइल
    अप्लीकेशन 25-30 किलोमीटर के दायरे में लगे जाम के बारे में लोगों को
    सूचित करता है. एप्लीकेशन ब्लॉकआउट उपयोगकर्ता के क्षेत्र में सड़क के
    नाम और स्थिति को प्रदर्शित करेगा और संकेत देगा कि कहां यातायात जाम है.

    कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. के. प्रतीक्षा ने कहा, 'एक
    प्रौद्योगिकी उत्पाद शुरू करने के तौर पर, हम एप्लीकेशन को और विकसित
    करने को इच्छुक हैं.'

    'ब्लॉकआउट ट्रैफिक' मोबाइल में लगे जीपीएस का इस्तेमाल कर उपयोगकर्ता की
    सटीक अवस्थिति को प्रतिबिंबित करता है. मोबाइल में ब्लॉक अपडेट्स पाने के
    लिए उसमें इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी है.

    यह उत्पाद देश के पहले मुक्त और आसान यातायात मोबाइल अप्लीकेशन के रूप
    में शुमार होने को है. एमिडरे टेक्नोलॉजीज को हाल ही में कोच्चि में चार
    युवाओं ने शुरू किया है.

  4. बात लगती अजीब है पर सच यही है कि जरूरत की चीजों में कटौती और महंगाई का
    रोना रोने वाले लोग भी बढि़या से बढि़या मोबाइल सेट को कपड़ों की तरह
    बदलने में ज्यादा समय नहीं लगाते। क्या यह नए-नए फीचर्स को आजमाने की
    चाहत है या है सोसाइटी में शान जमाने का तरीका, राय संगिनी सिटी की..

    बाजार में नये-नये मॉडल हर रोज आ रहे है। जिन्होंने अभी हाल में ही कोई
    नया सेट खरीदा है और लेटेस्ट तकनीक के नये वर्जन के आने से वह पैसा खर्च
    करने के बाद भी पीछे रह जाते है, उनके लिए यह ठीक नहीं होता कि कुछ ही
    दिनों में कम कीमत पर या उससे बेहतर फीचर्स का मोबाइल उतने ही दामों में
    मार्केट में होता है। यह अच्छा उनके लिए होता है जिन्होंने अपने को रोक
    रखा होता है।

    निकिता

    दिखावे में क्या रखा है? मोबाइल न सिर्फ संचार का साधन है बल्कि मनोरंजन
    का जरिया भी बन गया है, लेकिन मंहगा मोबाइल खरीदना या फिर किसी को देखकर
    मोबाइल खरीदना यह ठीक नहीं है। आप यह स्वयं तय करे कि आपको किस तरह के
    सेट की जरूरत है? शोध बताते है कि इसका अधिक इस्तेमाल भी ठीक नहीं और फिर
    दूसरे को देखकर आप अपना बजट बिगाड़ें, इसमें भला क्या बुद्घिमानी है?

    शेफाली

    90 प्रतिशत लोग तो मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ बात करने के लिए करते है,
    शेष ऑप्शंस का वह इस्तेमाल ही नहीं करते है। इसीलिए मंहगे मोबाइल खरीदना
    मतलब पैसे की बरबादी करना है। यह अपनी पोजीशन को शो ऑफ करने के अलावा कुछ
    नहीं है। मोबाइल का उपयोग बहुत कुछ आपकी जेब पर निर्भर करता है। अपने ऊपर
    संयम रखते हुये जरूरत के हिसाब से ही मोबाइल लेना चाहिए।

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